26 C
Mumbai
Tuesday, October 26, 2021
Homeअर्थ-व्यापारअमरीका, ईरान पर परमाणु प्रतिबंधों से छूट क्यों देता है? अमरीकी विशेषज्ञ...

अमरीका, ईरान पर परमाणु प्रतिबंधों से छूट क्यों देता है? अमरीकी विशेषज्ञ ने बतायी दिलचस्प वजह

रिपोर्ट – सज्जाद अली नायाणी

एक अमरीकी टीकाकार ने समाचर पत्र इंडिपेंडेंट से एक वार्ता में बताया है कि अमरीका, ईरान पर हर क्षेत्र में कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाने के बावजूद, परमाणु क्षेत्र में प्रतिबंधो से छूट को क्यों बार बार बढ़ा रहा है।

    अमरीका ने ईरान पर हर क्षेत्र में कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं और तेल पर प्रतिबंध से छूट के लिए भारत जैसे कुछ देशों की बार बार मांग के बावजूद अमरीका ने छूट देने से इन्कार कर दिया है लेकिन इसके बावजूद खबर है कि अमरीका ईरान के परमाणु क्षेत्र में सहयोग को प्रतिबंधों से अलग रखने की अवधि को एक बार फिर बढ़ा रहा है। इस छूट की वजह से चीन, रूस और युरोपीय देश, परमाणु क्षेत्र में ईरान के साथ सहयोग जारी रख सकेंगे। हालांकि अमरीका में ईरान विरोधी राजनेता, ट्रम्प सरकार के इस फैसले का कड़ाई के साथ विरोध कर रहे हैं।

    लिंडसे ग्राहम और टेड क्रूज़ को अमरीका के कट्टरपंथी सीनेटरों में गिना जाता है वह कहते हैं कि इस प्रकार की छूट से अमरीका अपने परमाणु कार्यक्रम को अधिक विस्तृत करेगा।

    इन दोनों सीनेटरों ने एक संयुक्त बयान जारी करके कहा है कि ” ईरान के परमाणु कार्यक्रम को प्रतिबंधों से अलग रखने का फैसला निराशाजनक है और ईरान और बाराक ओबामा के बीच हुए समझौते को फाड़ने का एक और अवसर हमने गंवा दिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प को तत्काल रूप से आदेश देना चाहिए कि ईरान के असैनिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग के लिए दी जाने वाली छूट समाप्त कर दी जाए।”

परमाणु क्षेत्र में छूट मगर हर क्षेत्र में कड़े प्रतिबंध! 

    अमरीकी विशेषज्ञ जोज़ेफ प्लाफिशरीज़ ने इस बारे में इंडिपेंडेंट को बताया है कि ट्रम्प ने दो कारणों से, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए छूट की अवधि एक बार फिर बढ़ायी है। पहली वजह तो यह है कि इस प्रकार की छूट से अमरीका के राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा हो रही है और अमरीकी सरकार को इसका पूरी तरह से अनुमान है।

    दूसरी वजह यह है कि ट्रम्प इस संभावना को बनाए रखना चाहते हैं कि वह, महाभियोग के भंवर में फंसने से पहले और पुनः निर्वाचित होने के कड़े संघर्ष से पहले ईरानियों से वार्ता कर सकते हैं।

    उनका कहना है कि ईरान और उत्तरी कोरिया विश्व को दो ही वह देश हैं जिनकी वजह  से ट्रम्प अपने पहले राष्ट्रपति काल के समाप्त होने से पहले किसी कूटनयिक उपलब्धि को प्राप्त करने का दावा कर सकते हैं।

    वाशिंग्टन में शस्त्र नियंत्रण संघ के प्रमुख डेरियल किंबल कहते हैं कि ईरान के खिलाफ परमुण प्रतिबंधों से छूट का फैसला एक प्रकार से ईरान के प्रति अमरीका के पहले के वचनों का पालन है। उन्होंने कहा कि छूट  की अवधि बढ़ाने का यह मतलब है कि उनके पास छूट को खत्म करने की कोई वजह नहीं है और छूट खत्म करने से केवल ईरान को, अपने वचनों से अधिक दूर होने का अवसर ही मिलेगा।

    इंडिपेंडेंट ने लिखा है कि ट्रम्प ने ईरान के साथ ” बुरा” समझौता करने के लिए बाराक ओबामा की खूब आलोचना की थी और दावा किया था कि एक व्यापारी की तरह वह ईरान के साथ बेहतर समझौता करेंगे। अब यह नहीं कहा जा सकता कि क्या ट्रम्प को अब भी यह उम्मीद है कि वह कूटनयिक तरीक़ों से ईरान के साथ बेहतर समझौता कर सकते हैं या नहीं? लेकिन यह तो निश्चित है कि ईरान के खिलाफ प्रतिंबधों से परमाणु क्षेत्र में सहयोग में छूट दिये जाने का फैसला, इस दिशा में उनका एक क़दम समझा जा सकता है। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments