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Wednesday, October 27, 2021
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सऊदी अरब के बाद अब जापान को दुहने की तैयारी में ट्रम्प, कर दी इतनी बड़ी मांग! कौन कौन से देशों से वसूली कर रहा है अमरीका ?

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अमरीकी पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने अपनी एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बताया है कि ट्रम्प ने जापान में अमरीकी सैनिकों की तैनाती के लिए जो रक़म जापान से मिलती थी उसे चार गुना बढ़ा दिया है!

विदेश – फॉरेन पॉलिसी ने अमरीका के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह फैसला, सुरक्षा के बदले अमरीकी घटकों से अधिक रक़म लेने की अमरीका की योजना का हिस्सा है।

पत्रिका के अनुसार जापान में लगभग 50 हज़ार अमरीकी सैनिक मौजूद हैं और जापान से इस रक़म की मांग, जान बोल्टन की यात्रा के दौरान की गयी थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि जापान, अमरीका का एकमात्र एशियाई घटक नहीं है जिससे अधिक रक़म तलब की गयी है बल्कि अमरीका ने दक्षिणी कोरिया से भी अधिक रक़म की मांग की है जहां 28500 अमरीकी सैनिक मौजूद हैं। दक्षिणी कोरिया से अमरीका ने पांच गुना अधिक रक़म मांगी है।

इन हालात में कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका की ओर से अपने घटकों पर दबाव डाल कर अधिक रक़म लेने की वजह से अमरीका और उसके एशियाई घटकों में तनाव पैदा हो सकता है जिससे चीन और उत्तरी कोरिया जैसे देशों को फायदा होगा।

अमरीकी खुफिया एजेन्सी के पूर्व विश्लेषक ब्रूस क्लिंगर्स का कहना है कि इस तरह की मांगों से अमरीका के खिलाफ दुश्मनी बढ़ेगी और अगर घटक कमज़ोर होंगे तो उससे उत्तरी कोरिया, चीन और रूस को फायदा मिलेगा।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह कह चुके हैं कि सऊदी अरब, हमारे लिए दूधारु गाय है जब तक चाहेंगे दूध दुहेंगे और जब दूध खत्म हो जाए तो उसे काट देंगे।

अमरीकी राष्ट्रपति कई बार यह कह चुके हैं कि जिन देशों की हम सुरक्षा करते हैं उन्हें उसकी क़ीमत अदा करना होगी।

अमरीका विश्व के विभिन्न देशों में अपने सैनिक तैनात करके अन्य देशों पर दबाव डालता है और फिर अपने सैनिकों की तैनाती की क़ीमत भी मेज़बान देशों से वसूल करता है।

ईरान ने हमेशा ज़ोर दिया है कि क्षेत्र में सुरक्षा के लिए विदेशी सैनिकों की ज़रूरत नहीं बल्कि अमरीकी सैनिक अशांति व असुरक्षा की सब से बड़ी वजह हैं।

अमरीका , सऊदी अरब, यूईए ,क़तर और बहरैन जैसे देशों को ईरान से डरा कर इन देशों में छावनियां बनाता और सैनिक तैनात करता है और फिर इन देशों के सारे निर्णय खुद करता है और इन देशों से अपने सैनिकों की तैनाती का खर्चा भी लेता है।

उधर उत्तरी कोरिया और चीन का डर दिखा कर, जापान और दक्षिणी कोरिया जैसे देशों में छावनी बनाता और सैनिक तैनात करता है फिर उनसे वसूली करता है।

साभार पार्सटूडे

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