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Sunday, October 17, 2021
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CJI की अयोध्या फैसले से पहले यूपी DGP और मुख्य सचिव के साथ बैठक

लखनऊ – अयोध्या प्रकरण के मद्देनजर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(सीजीआई) ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को आज 12 बजे सुप्रीम कोर्ट में तलब किया था। दोनों अफसर राजकीय विमान से दिल्ली पहुँँचे, बता दें कि फैसले से पहले सीजीआई ने उत्तर प्रदेश की यथास्थिति की जानकारी ली।

फैसले के मद्देनजर योगी ने दिए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्वों और रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के मद्देनजर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक योगी ने कहा कि प्रदेश में शान्ति हर हाल में बनाए रखने के लिए अधिकारी पूरी तरह सजग और तत्पर रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। शरारती तत्वों एवं माहौल खराब करने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए।

नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे करेंगे निगरानी

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलों एवं जनपदों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को ये निर्देश दिए। उन्होंने अयोध्या सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश स्तर पर और प्रत्येक जनपद में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित कर तुरन्त संचालित करने के निर्देश दिए। ये नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे लगातार कार्य करेंगे।

अयोध्या एवं लखनऊ के लिए एक-एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था

प्रवक्ता ने बताया कि योगी ने अयोध्या एवं लखनऊ जनपदों के लिए एक-एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शांति समिति की बैठकों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों, धार्मिक गुरुओं, प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि के साथ संवाद स्थापित किया जाए और बारावफात के जुलूसों का शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्वों एवं त्योहारों की आड़ में अव्यवस्था और अराजकता पैदा करने वालों को बख्शा न जाए और समय रहते कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुरक्षा कड़ी किए जाने और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने अयोध्या जनपद में साफ-सफाई और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के अलावा अयोध्या आने-जाने वाले मार्गों पर भीड़ की स्थिति से निपटने के इंतजाम करने को कहा है।

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में 17 नवंबर से पहले आएगा फैसला

गौरतलब है कि शीर्ष अदालत धार्मिक भावनाओं एवं राजनीति के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में 17 नवंबर से पहले फैसला सुना सकती है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई उसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में संविधान पीठ की अगुवाई कर रहे हैं। प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच जजों की संविधान पीठ ने 40 दिनों से चली आ रही सुनवाई 16 अक्टूबर को पूरी करने के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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