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Wednesday, October 27, 2021
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जाने – ईरान के अलावा कौन सा ऐसा मुस्लिम देश है, जिससे विश्व की महाशक्तियां तक आंख नहीं मिला सकतीं ?

ईरान के साथ ही विश्व में तुर्की एक ऐसा देश है, जिससे विश्व की महाशक्तियां भी टकराने से कतराती हैं।

दो महाद्वीपों में फैले हुए तुर्की के पास यूरोप या एशिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक है। तुर्की के पास चार लाख सैनिकों पर आधारित मज़बूत सेना है। तुर्क सेना ने शीत युद्ध के दौरान वॉरसॉ संधि के ख़िलाफ़ एक बांध खड़ा कर दिया था।

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तुर्की के पास एक शक्तिशाली वायु सेना है, जिसके पास 300 एफ़-16 युद्धक विमान हैं। इसके अलावा, तुर्की के पास पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में सबसे बड़ी नौसेना है, जिसमें एक दर्जन से अधिक पनडुब्बियां और एक समुद्री इनफ़ैंट्री है।

हालांकि तुर्की के पास अधिकांश सैन्य उपकरण और हथियार विदेश निर्मित हैं, लेकिन अब वह अपना सैन्य उद्योग खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। तुर्की टैंक, रॉकेट और मिसाइलों का निर्माण कर रहा है। तुर्क कंपनियां अमरीकी एफ़-35 युद्धक विमान के उत्पादन में सहयोगी की थीं, लेकिन ट्रम्प प्रशासन के इस समझौते को तोड़ देने के बाद अंकारा अब अपना फ़ाइटर जेट बना रहा है। हम यहां तुर्क सेना के कुछ सबसे अधिक शक्तिशाली हथियारों से आपको परिचित करवा रहे हैः

SOM क्रूज़ मिसाइलः

तुर्क कंपनी रोकेटसन और अमरीकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन संयुक्त परियोजना के तहत एसओएम क्रूज़ मिसाइल का निर्माण कर रही हैं।

एसओएम तुर्की का पहला क्रूज़ मिसाइल है, जो ज़मीन और समुद्र में अपने लक्ष्यों को ध्वस्त कर सकता है। इसके कई वर्ज़नों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इनमें से सबसे घातक एसओएम-जे है, जिसे युद्धक विमानों के अंदर रखकर भी एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।

अन्य अधिकांश क्रूज़ मिसाइलों की तरह SOM-J की सबसोनिक स्पीड है और यह 155 मील की दूरी पर अपने मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य को निशाना बना सकता है।

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लियोपर्ड-2 टैंकः

अग्रिम मोर्चे के तुर्की के टैंकों में मुख्य रूप से जर्मन मेड लियोपर्ड-2 का नाम लिया जा सकता है। लियोपर्ड-2 में एक उन्नत मिश्रित मैट्रिक्स कवच, 120-मिलीमीटर स्मूथबोर गन और 1,500 हॉर्स पावर का डीज़ल इंजन है।

एफ़-16

अमरीका से बाहर अगर किसी देश के पास एफ़-16 का सबसे बड़ा बेड़ा है तो वह तुर्की है। तुर्की के युद्धक विमान एआईएम-9 और एआईएम-120 अमराम मिसाइलों और पेववे-2 लेज़र गाइडेड बमों से लैस हैं।

तुर्की विश्व के उन गिने चुने देशों में से एक है, जो अपना जेट फ़ाइटर विकसित कर रहे हैं। तुर्की ने युद्धक विमानों के निर्माण में साझा अनुभवों से लाभ उठाकर पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान, टी-एफ़एक्स का निर्माण शुरू किया है।

209/214 टाइप पनडुब्बियाः

तुर्की के पास 209 टाइप 14 पनडुब्बियां हैं, जो भूमध्यसागरीय इलाक़े में पानी के अंदर सबसे बड़ा बेड़ा है। इसके अलावा उसके पास  

बी61 परमाणु बमः

तुर्की ने परमाणु हथियारों पर सख़्ती से अपनी ज़बान बंद कर रखी है। हालांकि शीत युद्ध के अग्रिम मोर्चे के रूप में इस देश में बड़ी संख्या में अमरीका के सामरिक परमाणु हथियार मौजूद अमरीका ने तुर्की स्थित Incirlik Air Base में क़रीब 90 B61 परमाणु बम रखे हुए हैं, जिसमें से 50 अमरीकी वायु सेना के पायलटों और 40 तुर्की वायु सेना के पायलटों के हवाले किए गए हैं।

साभार पार्सटूडे

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