26 C
Mumbai
Tuesday, October 26, 2021
Homeखबर विशेषमुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से...

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से ख़ुश नहीं, लेकिन फैसला पढ़ने के बाद चुनौती देने का किया एलान

रिपोर्ट – सज्जाद अली नायाणी

दिल्ली – भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाते हुए विवादित जगह हिंदू पक्ष को देने का फ़ैसला सुनाया है।

कोर्ट का कहना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यह साबित किया है कि मस्जिद के नीचे गैर इस्लामिक तथ्य पाये गये, जिसे नकारा नही जा सकता।

https://mannetwork.in/wp-content/uploads/2019/11/157330051313495714066.png

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यह साबित नहीं कर सका है कि मस्जिद के निर्माण के लिये कभी मंदिर को तोड़ा गया था।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया है और इसे चुनौती देने की बात कही है।

कोर्ट ने अपने फ़ैसले में यह भी कहा है कि सरकार मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए अयोध्या में ही कहीं उपयुक्त ज़मीन उपलब्ध करवाए।

मुस्लिम पक्ष के वकील और लम्बे समय से बाबरी मस्जिद विवाद की पैरवी करने वाले ज़फ़रयाब जीलानी ने कोर्ट के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड इस फ़ैसले से ख़ुश नहीं है और वह इसके ख़िलाफ़ अपील करेगा।

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से नाख़ुश पक्ष क़ानूनी रूप से इसे चुनौती दे सकता है। वह पक्ष रिव्यू पेटिशन दाख़िल कर सकता है। हालांकि कोर्ट के पास यह अधिकार होगा कि वह रिव्यू पेटिशन को ख़ारिज कर दे या उसे सुनवाई के लिए ऊपर की बेंच को ट्रांस्फ़र कर दे।

इसके बाद भी पक्षकारों के पास फ़ैसले के ख़िलाफ़ एक अंतिम विकल्प के रूप में क्यूरेटिव पेटिशन का अधिकार है। क्यूरेटिव पेटिशन, रिव्यू पेटिशन से अलग है। इसमें फ़ैसले की जगह मामले के उन पहलूओं को चिन्हित करना होता है, जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत महसूस होती है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस पर सुनवाई का फ़ैसला भी कर सकता है और उसे ख़ारिज भी कर सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments