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Wednesday, October 20, 2021
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प्रतिबंध लगाने के बाद सीरिया का तेल ख़ुद स्मगल कर रहा है अमरीका, अगर यह डकैती नहीं तो क्या है?

रिपोर्ट – सज्जाद अली नायाणी

अमरीका ने सीरिया पर प्रतिबंध लगाए हैं कि कोई भी देश उससे न तो तेल ख़रीद सकता है और न ही उसे तेल बेच सकता है।

जिबराल्टर के स्थानीय प्रशासन पर दबाव डालकर और ब्रिटिश सरकार की मदद लेकर अमरीका ने ईरान का तेल टैंकर जिबराल्टर स्ट्रेट में इस लिए ज़ब्त करवा लिया था कि अमरीका के दावे के अनुसार वह सीरिया जा रहा था और सीरिया पर अमरीका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। बाद में यह तेल टैंकर किस तरह आज़ाद हुआ और कहां तक पहुंचा यह पूरा प्रकरण मीडिया में आ चुका है और यह भी आ चुका है कि तेल टैंकर के भारतीय कप्तान को अमरीका ने रिश्वत देने और धमकाने दोनों की कोशिश की लेकिन कप्तान ने अपना कर्तव्य निभाया और न अमरीकी लालच में आया न धमकी से प्रभावित हुआ।

यही अमरीका है जो सीरिया का क्रूड आयल ख़ुद निकाल रहा है और स्मगल कर रहा है। सीरिया के पूर्वत्तरी इलाक़ों में तेल के कुओं पर अमरीका ने क़ब्ज़ा कर रखा है। अमरीका इस इलाक़े में कुर्द फ़ोर्सेज़ की मदद कर रहा है और उनकी मदद से इन इलाक़ों पर अमरीका ने क़ब्ज़ा कर रखा है यानी इन इलाक़ों में सीरियाई सेना को प्रवेश करने से उसने रोक रखा है। सीरियाई सेना भी वर्तमान परिस्थितियों में जब वह आतंकियों के क़ब्ज़े में शेष बचे इलाक़ों को आज़ाद करवाने में लगी है अमरीकी सेना से कोई टकराव नहीं चाहती लेकिन यह बात खुद अमरीका को भी पता है कि यह सिलसिला ज़्यादा समय तक नहीं चलेगा लेकिन इस बीच अमरीका सीरियाई तेल फ़ील्ड्ज़ से तेल चोरी कर रहा है।

रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाख़ारोवा का बयान बिल्कुल साफ़ है कि अमरीका सीरिया से हर महीने 30 मिलियन डालर का तेल स्मगल कर रहा है। अमरीका ने तुर्की से लगी सीरिया की सीमा से अपने सैनिकों को तो बाहर निकाल लिया है लेकिन जिन इलाक़ों में तेल है वहां अमरीकी सैनिक मौजूद हैं।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि एक देश जो बड़ा दावा करता है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करता है और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में क़ानून की संप्रभुता को मानता है वह दाइश का झूठा बहाना बनाकर सीरिया का तेल निकाल रहा है।

गत मार्च महीने में दाइश का पूरा ढांचा ध्वस्त हो चुका है और यह बात ख़ुद अमरीकी सैनिक एलायंस अपने बयान में कह चुका है। ट्रम्प ख़ुद भी ट्वीट में कह चुके हैं कि दाइश का अंत कर दिया गया है। इसलिए अब जो अमरीका दाइश के नाम पर अपने सैनिक सीरिया में तैनात किए हुए है और तेल की चोरी कर रहा है तो यह चोरी किसी से छिपी नहीं है।

सीरिया में बहने वाली फ़ुरात नदी के पूर्वी इलाक़ों में तेल और गैस के फ़ील्ड्ज़ हैं जिन पर अमरीका द्वारा समर्थित कुर्द फ़ोर्सेज़ ने दाइश के ख़िलाफ़ युद्ध करते समय क़ब्ज़ा कर लिया। अमरीका साफ़ साफ़ कह भी चुका है कि वह सीरियाई सेना को तेल और गैस वाले इस इलाक़े तक नहीं पहुंचने देना चाहता जबकि अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के तहत सीरियाई सेना को अधिकार है कि वह इस इलाक़े में तैनात हो और तेल व गैस फ़ील्ड्ज़ की सुरक्षा करे।

यह खुली हुई डकैती है कि अमरीका ने सीरिया से तेल व गैस के व्यापार पर प्रतिबंध लगा रखा है और ख़ुद वहां का तेल स्मगल कर रहा है।

यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि जब सीरिया और इराक़ के बड़े भाग पर दाइश ने क़ब्ज़ा कर लिया था और वहां से तेल निकाल कर यह आतंकी संगठन स्मगल कर रहा था तो सब कुछ अमरीकी वायु सेना की नज़र के सामने हो रहा था। तेल टैंकरों के लंबे लंबे कारवां एक साथ सा निकलते और अमरीकी सैनिक उन पर हमला करना तो दूर उनकी हिफ़ाज़त किया करते थे।  

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