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Tuesday, October 26, 2021
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कैल्शियम को लोग डाइट में 65% कम ले रहे, मंडरा रहा ये खतरा

सौ. फाईल चित्र

हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी है।

इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और कई गंभीर बीमारियों के होने का खतरा रहता है। ऐसे में लोगों को अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा कैल्शियम लेना होगा। तय मानक के मुताबिक चार वर्ष से लेकर 71 साल के व्यक्ति को रोजाना अपनी डाइट में एक हजार मिलीग्राम कैल्शियम लेना होगा, लेकिन चंडीगढ़ के लोग इस मानक को पूरा नहीं कर

पीजीआई के एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट की एक रेंडोमाइज्ड स्टडी से पता चला है कि चंडीगढ़ के लोग रोजाना औसतन 350 मिलीग्राम कैल्शियम लेते हैं, जो तय मानक के करीब 65 फीसदी कम है। कैल्शियम लेने से लोगों की हड्डियां कमजोर होने का खतरा है। इनमें सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि एडल्ट व बच्चे भी शामिल हैं।

स्टडी में कुल 800 लोगों को शामिल किया गया था। ये सभी लोग स्वस्थ थे। पहले इनका ब्लड सैंपल लिया गया है, जब उनकी रिपोर्ट नार्मल आई तो उन्हें डैक्सा स्कैन के लिए बुलाया गया और एक हफ्ते की डाइट के बारे में पूछा गया। उसके बाद आकलन किया गया तो पता चला कि चंडीगढ़ के लोग अपनी डाइट में कैल्शियम को शामिल नहीं कर रहे हैं। यह ट्रेंड आगे चलकर लोगों के लिए मुसीबत बनने वाला है। स्टडी में सेक्टर 15, 38, 22, इंदिराकालोनी और एक गांव को चुना गया।
कैल्शियम के लिए रोज पीएं आधा लीटर दूध
स्टडी के मुख्य शोधकर्ता व एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट प्रो. संजय भडाडा ने बताया कि कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए हर उम्र के व्यक्ति को रोजाना आधा लीटर दूध पीना होगा। यदि किसी को दूध नहीं पचता है तो वह दही ले सकता है। इसके अतिरिक्त लोगों को भोजन में पनीर, रागी, राजमा और दालों को भी शामिल करना होगा।

रागी कैल्शियम और आयरन का एक अच्छा स्रोत है। रोजाना के खाने में दालों को भी शामिल करें। नॉन वेजेटेरियन के लिए कोई दिक्कत नहीं है। उनके खान-पान में अच्छा-खासा कैल्शियम शामिल रहता है।

कैल्शियम तभी काम करेगा, जब विटामिन डी भी भरपूर होगा
विशेषज्ञों के मुताबिक आंत से बाडी में कैल्शियम आने के लिए विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा का होना जरूरी है। जब तक विटामिन डी नहीं होगा, तब तक कैल्शियम शरीर के अंदर अवशोषित नहीं हो पाएगा। इसके लिए जरूरी है कि हर व्यक्ति को रोजाना सुबह 11 से तीन बजे के बीच 30 मिनट धूप में बैठना होगा। साथ ही कम से कम 45 मिनट की एक्सरसाइज भी जरूरी है। दोनों के तालमेल से ही कैल्शियम शरीर के अंदर जाएगा और फायदेमंद रहेगा।
30 की उम्र के बाद हर साल कम होती है हड्डी
विशेषज्ञों ने बताया है कि शरीर के अंदर हड्डी 30 साल तक ही बनती है। उसके बाद इसे मेन्टेन ही किया जा सकता है। 30 से 40 उम्र की व्यक्तियों की हर साल एक फीसदी बोन कम होती है, जबकि 40 की उम्र के बाद हर साल दो फीसदी।

इस कमी को एक्सरसाइज और अच्छी डाइट से रोक सकते हैं। ऐसे में हर पैरेंट्स को चाहिए कि वह अपने बच्चों की हड्डियों को मजबूत करने के लिए अच्छी डाइट दें और उन्हें फिजिकल एक्टिव रहने के लिए फोकस्ड रहें।

कैल्शियम कम होने का सीधा मतलब हड्डियों के कमजोर होने से हैं। इससे आस्टियोपोरोसिस व फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है। हमने अपनी स्टडी में यही देखा है कि चंडीगढ़ के लोग कैल्शियम की मात्रा काफी कम ले रहे हैं, जो आगे चलकर नुकसानदायक बनेगा।

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